उत्तराखंड के इन 7 जिलों की वेबसाइट पर मिलेंगी, बिना मांगे आपको 27 प्रकार की सूचनायें। आरटीआई एक्टिविस्ट नदीम की अपीलों पर 7 जिलाधिकारियों ने दिये आदेश।

सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 4 तथा शासनादेश 2895 में हैं प्रावधान

सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) की पहल से प्रथम अपीलोें में 7 जिलाधिकारियों नेे जिले की वेबसाइट पर 27 प्रकार की सूचनायें अपडेट कर उपलब्ध कराने के आदेश के बाद सम्बन्धित जिलोें से सम्बन्धित धारा 4 तथा शासनादेश सं0 2895 में उल्लेखित सूचनायें अब देश भर में कही से भी बिना मांगे मिल सकंेगी। इससे जहां कार्यों में पारदर्शिता आयेगी वहीं भ्रष्टाचार की संभावनायें भी कम होगी।

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने उत्तराखंड के जिलों के जिलाधिकारी कार्यालयों के लोेेक सूचना अधिकारियों से सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 4 के पालन व स्वयं प्रकटन की जानेे वाली सूचनाओें सेे सम्बन्धित सूचनायें मांगी थी। पूर्ण सही सूचनायेें नहीं मिलने पर इसकी प्रथम अपीले की गयी तथा सूचनायेें नियमानुसार अपडेेट करके सार्वजनिक करने व वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की प्रार्थना की गयी हैै। इन अपीलोें पर निर्णय करते हुये उत्तराखंड के 7 जिलों के जिलाधिकारियों/प्रथम अपील अधिकारियों ने धारा 4 व शासनादेश के अन्तर्गत प्रकट की जानेे वाली सूचनायें जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध करानेे के आदेश दिये हैं।

कुमाऊं मण्डल के अल्मोड़ा जिले के जिलाधिकारी नितिन कुमार भदौरिया ने अपील सं0 11 केे दिनांक 17 फरवरी 21 के निर्णय से, पिथौैरागढ़ के जिलाधिकारी डा0 विजय कुमार जोगदण्डे ने अपील सं0 18 के 6 फरवरी केे निर्णय से, बागेश्वर के जिलाधिकारी विनीत कुमार ने अपील सं0 16 केे 16 फरवरी के निर्णय से तथा चम्पावत के जिलाधिकारी विनीत तोमर ने अपील सं0 14 के दिनांक 10 मार्च के निर्णय से यह आदेश किये है।

गढ़वाल मण्डल के उत्तरकाशी जिले केे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित नेे अपील सं0 02 दिनांक 01 मार्च के निर्णय से, रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मनुज गोयल ने अपील सं0 04 दिनांक 29 जनवरी के निर्णय से तथा टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने अपील सं0 20 के दिनांक 29 जनवरी केे निर्णय से यह आदेश किये हैै।

आरटीआई एक्टिविस्ट नदीम ने बताया शासनादेश सं0 2895 दिनांक 26 सितम्बर 2013 के शासनादेश के बाद कुल 27 प्रकार की सूचनायें स्वयं प्रत्येेक लोेक प्राधिकारी/विभाग/निगम को स्वयं प्रकाशित करके वेबसाइट आदि पर उपलब्ध कराना धारा 4(1)(बी) के अन्तर्गत अनिवार्य है। इसमें विभाग के कार्य व कर्तव्य, अधिकारियों के कर्तव्य व अधिकार, निर्णय निर्धारण में अपनायी जानेें वाली प्रक्रिया, कार्य हेतु तय सिद्धांत, नियम, रेगुलेशल, निर्देश, मैनुुअल व रिकार्ड, दस्तावेजोें के प्रकार का विवरण, जनता की सलाह व प्रतिनिधित्व, बोर्ड परिषद, समितियों का विवरण, अधिकारी, कर्मचारियों की डायरैैक्ट्री, अधिकारियों, कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक, आवंटित बजट, सब्जिडी कार्यक्रम, रियायतों व परमिट आदि का विवरण, उपलब्ध व कब्जे की सूचनायें, नागरिकों को सूचना प्राप्ति हेतु सुविधायेें, सूचना अधिकारियों का विवरण शामिल हैै।

शासनादेश सं0 2895 के अन्तर्गत जिन सूचनाओं को हर तिमाही पर अपडेट करके उपलब्ध कराना हैै उसमें 25 लाख से अधिक निर्माण कार्य, 10 लाख या अधिक के सप्लाई, भूमि आवंटन, खनन, भूमि क्रय की अनुमतियां, रिक्त पद व ज्येष्ठता सूची, पदोन्नति, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पी.पी.पी.मोड तथा समाज कल्याण विभाग की पेंशन व छात्रवृत्ति योजनाओं केे लाभार्थी आदि शामिल हैै।

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