उत्तराखंड के 95 पूर्व विधायकों को मिल रही 52.74 लाख रूपये प्रति माह पेंशन। जानिए कितनी मिल रही प्रत्येक को पेंशन? RTI से हुआ खुलासा।


उत्तराखंड में चाहे विभिन्न विभागों में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन सुविधा समाप्त कर दी गयी हो व विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को समय से वेतन तक न मिल पा रहा हो लेकिन उत्तराखंड के 95 पूर्व विधायकों को कुल 52 लाख 73 हजार 900 रू0 मासिक पेंशन उत्तराखंड सरकार के खजाने से मिल रही हैै। इसमें 3 पूर्व विधायकों को तो उत्तराखंड गठन से पूर्व से ही पेंशन मिल रही है।

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने उत्तराखंड विधानसभा के लोक सूचना अधिकारी से पूर्व विधायकों को मिल रही पेंशन से संबंधित सूचनायंे मांगी थी। इसके उत्तर में विधानसभा सचिवालय के लोक सूचना अधिकारी/उपसचिव (लेखा) हेम चन्द्र पन्त ने पूर्व विधायकों की पेंशन सम्बन्धी सूची अपने पत्रांक 460 दिनांक 13 दिसम्बर 2021 के साथ उपलब्ध करायी है।

RTI Activist नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड के कुल 95 पूर्व विधायकों को हर माह कुल 52 लाख 73 हजार नौ सौ रूपये की मासिक पेंशन दी जा रही हैै। इसमें पूर्व विधायकों को 1997 से 2 पूर्व विधायकों को, 1 पूर्व विधायक को 1998 से, 8 पूर्व विधायकों को 2002 से, 9 को 2004 से, 6 को 2007 से, 1 को 2008 से, 1 को 2009 से, 31 पूर्व विधायकों को 2012 से, 5 को 2016 से, 29 को 2017 से, 1 को 2018 से तथा 1 पूर्व विधायक को 2019 से पेंशन मिल रही है।

RTI Activist नदीम को उपलब्ध सूची के अनुसार 1997 से पेंशन लेने वालों में मौै0 असलम खान, कुंवर नरेन्द्र सिंह, 1998 से राजीव कुमार, 2002 से राम सिंह सैनी, मोहन सिंह रावत ’गांववासी’, निरूपमा गौड़़़, लाखी राम जाशी, नारायण सिंह राणा, ज्ञान चन्द्र, सुरेश चन्द्र आर्य, के0सी0सिंह बाबा, 2004 से धनी राम सिंह नेगी, विरेन्द्र सिंह, रामयश सिंह, किशन सिंह तड़ागी, नवीन चन्द्र तिवारी, पूरन चन्द्र शर्मा, कुंवर सिंह नेगी, गोपाल दत्त ओझा, पृथ्वीपाल सिंह चौहान, 2007 से उम्मेद सिंह मांजिला, कैलाश शर्मा, काशी सिंह ऐरी,, सूरवीर सिंह सजवाण, राम प्रसाद टम्टा, डा0 नारायण सिंह जन्तवाल, 2008 से इसम सिंह, 2009 से तेजपाल सिंह रावत, 2012 से राजेेश जुवांठा, किशोर उपाध्याय, बलवीर सिंह, ओम गोपाल रावत, कुलदीप कुमार, जोत सिंह गुनसोला, सुरेेश चन्द्र जैन, चौ0 यशवीर सिंह, शहजाद, तसलीम अहमद, शैलेन्द्र सिंह रावत, यशपाल बेेनाम, आशा नौटियाल, केदार सिंह फोनियाल, अनिल नौटियाल, गोविन्द लाल, शेर सिंह गडिया,पुष्पेश त्रिपाठी, रणजीत रावत, प्रेमानन्द महाजन, तिलक राज बेहड, नारायण पाल, गोपाल सिंह राना, वीना महाराना, जोगा राम टम्टा, गगन सिंह, कैरन मेयर, दिवाकर भट्ट, मातबर सिंह, गोविन्द सिंह बिष्ट, किरन मण्डल, 2016 से अमृता रावत, शैलेन्द्र मोहन सिंघल, विजय बहुगुणा, भीमलाल आर्य, दान सिंह भंडारी, 2017 से माल चन्द्र, विजयपाल सिंह सजवाण, जीत राम, विक्रम सिंह नेगी, महावीर सिंह, राजकुमार, हीरा सिंह बिष्ट, चन्द्र शेखर, हरिदास, सरवत करीम अंसारी, विजय बड़थ्वाल, गणेश गोदियाल, मयूख सिंह, नारायण राम आर्य, ललित फर्स्वाण, मदन सिंह बिष्ट, मनोज तिवारी, हेमेश खर्कवाल, सरिता आर्य, आर0 पी0 गार्डनर, राजेेन्द्र ंिसंह भण्डारी, शैला रानी रावत, मंत्री प्रसाद नैैथानी, दिनेश धनै, नवप्रभात, दिनेश अग्रवाल, सुरेन्द्र सिंह नेगी, हरीश रावत, हरीश चन्द्र दुर्गापाल, 2018 से महेन्द्र सिंह माहरा तथा 2019 से भुवन चन्द्र खंडूरी को पेंशन मिल रही हैै।

RTI Activist नदीम को उपलब्ध सूची के अनुसार पूर्व विधायकों में सबसे कम 14 हजार कैैरन मेयर को तथा सर्वाधिक 91 हजार राम सिंह सैैनी को पेंशन मिल रही है। इसके अतिरिक्त 40 हजार से 45 हजार प्रतिमाह तक 7 पूर्व विधायकों को, 46 हजार से 48800 तक 24 विधायकों को, 50 हजार से 55 हजार तक 18 विधायकों को, 58 हजार से 60 हजार तक 25 को विधायकों, 62 हजार से 66 हजार तक 7 को, 67 हजार से 72 हजार तक 7 पूर्व विधायकों को, 73 हजार 2 पूर्व विधायकों को, 76 हजार 1 पूर्व विधायक को, 79 हजार 1 को तथा 85 हजार की मासिक पेंशन 1 पूर्व विधायक को मिल रही हैै।

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