डा. राधा बाल्मीकि को मिला साहित्यिक सम्मान

साहित्यिक कोरोना वारियर्स के रूप में किया लोगों को जागरूक


देश व प्रदेश में कोविड-19 कोरोना वायरस के चलते हुए लाॅकडाउन की अवधि में समय का सदुपयोग करते हुए स्थानीय इंटर कालेज, पंतनगर की प्रवक्ता डा राधा बाल्मीकि साहित्य सृजन कर रही हैं। इस अवधि में डा. राधा ने कई आलेख व कविताऐं लिखी हैं जो सोशल मीडिया पर खूब पसन्द की जा रही हैं। उन्होंने कोरोना महामारी को लेकर अनेक रचनाएं लिखी हैं कोरोना महामारी से उत्पन्न समस्याओं पर अलग-अलग विषय को लेकर अपनी लेखनी चलाते हुए साहित्य के माध्यम से सोशल मीडिया अपनी रचनाओं से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप उन्हें आॅनलाइन तीन बडे साहित्यिक सम्मान से नवाज़ा गया। इस के लिए पहला सम्मान कलम बोलती है साहित्यिक समूह द्वारा ‘साहित्य के सितारे’ के लिए दूसरा सम्मान अंकुर साहित्य परिवार संस्था द्वारा उनकी प्रतियोगिता में चयनित रचना ‘फुर्सत के पल’ के लिए श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान दिया गया। इसके अलावा उनके साहित्यिक योगदान एवं रचनाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए चयन समिति के सदस्य के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ‘विश्व हिंदी लेखिका मंच के द्वारा उन्हें महादेवी वर्मा शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया है। डा. राधा बाल्मीकि ने कोरोना पर कविताऐं लिखकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूक किया है। डा. राधा बाल्मीकि की इस उपलब्धि पर पंतनगरवासियों ने खुशी का इजहार किया है।

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