पंत विश्वविद्यालय में शुरू हुआ 2 वर्षीय वेटनरी फार्मेसी डिप्लोमा, पशुचिकित्सा के क्षेत्र में स्थापित करेगा नये आयाम

iशु चिकित्सा विज्ञान में रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एंव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में दो वर्षीय वेटनरी फार्मेसी डिप्लोमा सत्र 2021-22 के द्वितीय सेमेस्टर से प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे प्राप्त डिप्लोमा धारक पशुपालन विकास के क्षेत्र में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. एनएस जादौं ने बताया कि इस कोर्स के अन्तर्गत छात्रों को छह माह में चार सेमेस्टर अध्ययन के साथ-साथ दो महीने का इन्टर्नंशिप के पश्चात् डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा। यह एक स्व वित्तपोषित डिप्लोमा कार्यक्रम है। इस कोर्स में कुल तीस छात्रों को प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा। जिसमें 15 सीट उत्तराखण्ड तथा 15 सीट देश के विभिन्न राज्यों के छात्रों के लिये उपलब्ध होगीं। इस कोर्स में छात्रों को प्रति सेमेस्टर पचास हजार प्रोग्राम फीस तथा दस हजार टयूशन फीस के साथ-साथ विश्वविद्यालय कि अन्य शुल्क देय होगें। इस कोर्स के लिये बायलोजी विषय से इण्टर पास छात्र प्रवेश के लिये योग्य होगें।

इस डिप्लोमा प्रोग्राम से युवाओं को राज्य तथा देश के विभिन्न भागांे में पशु पालन क्षेत्र में रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। साथ ही साथ वे राज्य सरकार के पशु पालन विभाग में भी वेटनरी फार्मासिस्ट की नौकरी के लिये अर्ह होगें। कोर्स प्रोग्राम के अंर्तगत पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक के दिशा र्निदेशों के अनुरूप पशुओं के उपचार हेतु औषधि तैयार करने की विधि संबधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कोर्स के लिए में प्रवेश परीक्षा के आवेदन के लिए आवेदन पत्र ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सम्बन्धित जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

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