प्रदेश में वैक्सीनेशन व्यवस्था पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जताई चिंता ? साथ ही कोरोना टेस्ट किट के बार-बार प्रयोग को भी बताया चिंताजनक?

कोरोना महामारी के दौरान जहां एक ओर कई लोगों ने अपनो को खोया है, वहीं दूसरी ओर कई लोगों के द्वारा जमाखोरी, कालाबाजारी कर संवेदनहीनता का परिचय दिया गया है। कोरोना से जंग जीतने के लिए चल रही वैक्सीनेशन व्यवस्था पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। साथ ही कोरोना टेस्ट किट के बार- बार प्रयोग को लेकर भी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात को रखा है।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि ‘इसको कहते हैं पड़ी में दो लात। पहले ही लोग कोरोना के कारण न केवल संक्रमित होकर जितनी जमा पूंजी थी वो गवां चुके हैं, आर्थिक गतिविधिया व कामधंधे बन्द होने कारण लोग पहले से ही खस्ता हालात में हैं। अब जान बचाने के लिये एक सहारा दिखाई दे रहा है, वो है वैक्सीनेशन का ताकि तीसरी लहर से बचा जा सके। वैक्सीनेशन भारत सरकार को 150 रूपये में करीब मिल रही है। राज्यों से कहा जा रहा आप 500 रूपये के हिसाब से खरीदो और अब जो प्राईवेट हाॅस्पिटल्स हैं वो 1200 से लेकर 2000 रूपये तक चार्ज कर रहे हैं। मरता क्या नहीं करता, यह भय को दोहन है। जीवन बचाने के लिये जो सहारा है, उस सहारे की आड़ एक बड़ी लूट है। कोई देखने वाला नहीं है, उत्तराखण्ड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर राज्य में वहां के लोगों के ऊपर ये बहुत बड़ा भार है।

एक और पोस्ट के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि ‘पहले कोरोना_संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने में मिसमैनेजमेंट हुआ, जिसका परिणाम पूरे देश ने भुगता। वैक्सीन-वैक्सीन, वैक्सीनेशन डे भी लोगों से मनवा दिये, लेकिन वैक्सीन के प्रोडक्शन या उसके खरीद के रास्ते पर काम नहीं हुआ। देश के अंदर वैक्सीन की भयंकर कमी पैदा हो गई है। मगर अब जो हम देख रहे हैं वो वैक्सीनेशन के नाम पर एक खुली लूट है, मृत्यु का भय का दोहन किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन गायब है और #प्राइवेट बड़े-बड़े हॉस्पिटल्स में लोगों को वैक्सीन लग रही हैं, मगर दाम मनमाने लिये जा रहे हैं, 1200 से लेकर 2000 रुपये तक और आसन्न मौत का खतरा, तीसरी लहर का खतरा, लोग सपरिवार टीका लगाने पहुंच रहे हैं और दाम का इंतजाम कैसे कर रहे हैं! मूल्य कैसे चुका रहे हैं! यह उनकी आत्मा जानती है और आगे आने वाले दिनों में ऐसा लगता है कि यह लूट और बढ़ेगी।’

वहीं एक और पोस्ट के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि ‘ तीरथ सिंह जी पहले से ही उपयोग में लाई गई कोरोना टेस्ट किट का इस्तेमाल यदि बार-बार करके दर्जनों लोगों की टेस्टिंग की जाएगी या कुछ पैसा लेकर के बिना टेस्ट किये, लोगों को निगेटिव रिपोर्ट दे दी जायेगी तो यह राज्य की सेहत के लिए तो खराब है ही है और यह राज्य की प्रतिष्ठा के लिए भी बहुत खराब है। आपकी सरकार ने कुछ चहेते लोगों को प्राइवेट सेक्टर में जो यह काम सौंपा है यह उसका नतीजा है और मुझे जो जानकारी मिली है उसमें ग्रामीण क्षेत्रों में भी उसी तरीके की टेस्टिंग की जा रही है तो ये बहुत चिंताजनक स्थिति है।

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