सोशल नेटवर्क में छाया पंतनगर विश्वविद्यालय के डॉ. केसरवानी का रोजगार परक अभियान। उम्मीद की किरण साबित होता पंतनगर शिक्षक का इंटरनेट पेज। #whatanideasirji

कोरोनाकाल में पिछले एक साल से न जाने कितने अनगिनत लोगों को या तो अपनी नौकरी खोनी पड़ी या फिर कहीं नौकरी निकलने की गुंजाईश में घर बैठना पड़ा. हज़ारों लाखों की संख्या में देश भर के कृषि छात्र पिछले साल डिग्री पास करके नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं.  लेकिन सामाजिक गतिविधियां कम होने और जानकारी के अभाव में नौकरी नहीं मिल पा रही है.

ऐसे में उम्मीद की एक किरण लेकर पंतनगर के शिक्षक डॉ. अमित केसरवानी ने एक नई  मुहिम शुरू की. पिछले वर्ष से शुरू किये गए फेसबुक पेज ‘AGRIAMATEURS’ से अब तक सैकड़ों लोग जुड़कर नई  नौकरियों के विज्ञापन के लिए आवेदन कर चुके हैं.

डॉ . केसरवानी ने बताया कि – ‘ कृषि में स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के हर साल पंद्रह हज़ार  छात्र डिग्री लेते हैं. पिछले साल लॉकडाउन जब शुरू हुआ था, तब ये महसूस हुआ कि ना जाने कितने छात्र डिग्री करने के बाद नौकरी के लिए भटक रहे होंगे . तब मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों ना एक ऐसा तरीका अपनाया जाए जिससे सभी कृषि डिग्री के फ्रेशर्स को घर बैठे शिक्षा और नौकरी से जुड़ी  नई जानकारियां और विज्ञापन उपलब्ध करा सके? ‘

इस तरह मार्च 2020 में शुरू किया फेसबुक पेज ‘AGRIAMATEURS ‘ अब तक हज़ारों छात्रों के लिए  उम्मीद की किरण साबित हुआ है. पिछले  साल से शुरू हुई मुहीम पर कम से कम 5 से 8 कृषि विज्ञान से जुडी नई भर्तियों के विज्ञापन या शैक्षिक ट्रेनिंग और स्कालरशिप हर महीने शेयर की जाती रही है. विश्वविद्यालयों की नियुक्ति विज्ञापन, विदेश में दाखिला सम्बंधित स्कालरशिप प्रोग्राम,  ICAR केंद्रों की भर्तियां, विभिन्न लोक सेवा आयोग के कृषि सम्बंधित विज्ञापन,  कृषि जॉब मेला, NFL, Syngenta, DeHaat एवं अनगिनत नामी गिरामी इंडस्ट्रीज में नौकरियों से जुड़े सम्बंधित पेज शेयर करते आये हैं. इसमें जगह, अंतिम तारीख, आवेदन लिंक या संपर्क और योग्यता से जुड़े तमाम जानकारी उपलब्ध कराइ जाती है जिससे जॉब अप्लाई करने में आसानी हो.  इनका दावा है व्यक्तिगत रूप से शुरू पेज पर अब तक सौ से ज़्यादा जानकारी शेयर की  जा चुकी है. वो चाहते हैं ज्यादा से ज्यादा कृषि फ्रेशर्स इनके ‘AGRIAMATEURS ‘  मुहीम से जुड़ें, क्यूंकि अधिकतर जानकारी सिर्फ इन्हीं लोगों  को समर्पित रहती है.

डॉ. अमित केसरवानी स्वेच्छा से ‘नर ही नारायण’ सेवा भाव लेकर इस मुहीम को चला रहे हैं.  उनको अत्यंत ख़ुशी होती है जब इनकी वजह से किसी का भविष्य उज्जवल होता है. इस वर्ष भी इन्होने, इस पेज के अलावा कोरोना की दूसरी लहर  से  दर दर भटक रहे लोगों की सेवा के लिए whatsapp और सोशल पेज के जरिये जरुरी मेडिकल बेड , दवाइयों, ऑक्सीजन सिलिंडर और प्लाज्मा डोनर की समस्त जानकारी उपलब्ध कराते रहे.  उद्देश्य था जितने लोगों की जान बचायी जा  सके,वो संभव कोशिश करते रहे.  डॉ. अमित केसरवानी, पंतनगर विश्वविद्यालय में सहायक  प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं; उन्हें आशा है ईश्वर की कृपा से वो आगे भी  सामाजिक कार्य करते रहेंगे.

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