मम्प्स या गलसुआ कर देता है जीना मुश्किल, जानिए लक्षण, उपचार और परहेज

मम्प्स या गलसुआ एक संक्रामक रोग है जो वायरस से होता है। यह बच्चों और युवाओं में पाया जा सकता है। मम्प्स के संक्रमण का मुख्य लक्षण मसूड़ों के सूजन के साथ साथ बुखार, थकावट, और अपने आप को बीमार महसूस करना है।

यह बीमारी अक्सर संक्रमित व्यक्ति की छींकने द्वारा फैलती है, लेकिन यह खासतौर पर अपने बात के दिनों में संक्रमण फैलता है। इसे मौसम और क्लाइमेट के अनुसार विभिन्न भागों में अलग-अलग समय में देखा जा सकता है।

संक्रमित व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह लेनी चाहिए, जो उपयुक्त उपचार की सलाह देगा। आमतौर पर, मम्प्स स्वतः ही ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में उपचार की आवश्यकता होती है। इस से बचाव के लिए, मम्प्स वैक्सीन उपलब्ध है, जो कि बच्चों को इस रोग से बचाने में मदद करता है।

मम्प्स (Mumps) के संक्रमण में कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  1. मसूड़ों का सूजन: सबसे सामान्य लक्षण मसूड़ों के सूजन होता है, जो एक या दोनों मासिक। इस सूजन के कारण गालों की दिखाई देती है।
  2. बुखार: सूजन के साथ-साथ बुखार भी हो सकता है, जो आमतौर पर मध्यम से उच्च होता है।
  3. गले में दर्द: गले में दर्द भी हो सकता है, जो कभी-कभी खाना खाते समय और बोलने के समय अधिक हो सकता है।
  4. गले की खराश: गले में खराश, खासतौर पर जब व्यक्ति खाना या पीना करता है, भी हो सकती है।
  5. थकान: मम्प्स संक्रमित होने पर व्यक्ति थकावट महसूस कर सकता है।
  6. सामान्य बीमारी के लक्षण: ये लक्षण उम्मीद से ज्यादा सामान्य बीमारी के लक्षणों के समान हो सकते हैं, जैसे कि नितांत थकान, शीघ्रता, और मांसपेशियों में दर्द।

यह सामान्य लक्षण हो सकते हैं, लेकिन सभी मम्प्स संक्रमित व्यक्तियों में ये लक्षण एक साथ नहीं दिखाई देते हैं। किसी व्यक्ति के लक्षण की गंभीरता व्यक्ति की उम्र, सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, और अन्य कारकों पर निर्भर करती है।

अगर किसी को इन लक्षणों में से कुछ भी महसूस होता है, तो उन्हें चिकित्सा प्रदाता से संपर्क करना चाहिए, ताकि वे सही उपचार और सलाह प्राप्त कर सकें।

मम्प्स (Mumps) के होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  1. मम्प्स वायरस (Mumps Virus): मम्प्स वायरस संक्रमित व्यक्ति के नाक और गले के संक्रमण से फैलता है।
  2. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना: यह एक संक्रामक रोग है, जिसे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर होने की संभावना होती है, जैसे कि कोई व्यक्ति छींके या खांसे के माध्यम से वायरस को छोड़ता है।
  3. अस्वास्थ्यकर पर्यावरण: अधिकतम संक्रमण का खतरा उन लोगों में होता है जो अधिक भीड़ वाले स्थानों पर रहते हैं, जैसे कि स्कूल या कॉलेज।
  4. असुरक्षित संक्रमण पर्यावरण: ऐसे पर्यावरण में जहां हाइजीन नियमित नहीं होता है, मम्प्स का संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।
  5. बच्चों में अनुरोधित टीकाकरण की कमी: अगर किसी बच्चे को उचित अवधि तक टीकाकरण नहीं किया गया है, तो उन्हें मम्प्स के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

इन कारणों के संयोजन में एक व्यक्ति को मम्प्स का संक्रमण हो सकता है। यह विशेषकर बच्चों में आमतौर पर होता है।

मम्प्स रोग से बचाव और सावधानियां निम्नलिखित हैं:

1. वैक्सीनेशन (टीकाकरण): मम्प्स के खिलाफ सबसे प्रभावी बचाव टीकाकरण है। बच्चों को उचित उम्र में टीकाकरण दिया जाना चाहिए।

2. संक्रमण से बचाव: संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर कोई व्यक्ति मम्प्स संक्रमित है, तो वे घर में आराम करना चाहिए और अन्य लोगों से दूर रहना चाहिए।

3. अच्छी हाइजीन: साफ-सुथरे रहने, नियमित हाथों की सफाई करने, और अन्य हाइजीन नियमों का पालन करना मम्प्स के संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।

4. खासतौर पर ध्यान रखने वाले व्यक्तियों के लिए सावधानियां: अगर कोई मम्प्स संक्रमित है, तो वे अन्य व्यक्तियों के साथ संपर्क में न आएं, और उन्हें अपने चिकित्सक की सलाह का पालन करना चाहिए।

5. स्वास्थ्य की देखभाल: मम्प्स के संक्रमण में बेहतर होने के लिए, संक्रमित व्यक्ति को अधिक पानी पीने, आराम करने, और उपयुक्त चिकित्सा सेवा का लाभ उठाना चाहिए।

इन सावधानियों का पालन करके आप मम्प्स संक्रमण से बच सकते हैं और इसे फैलने से रोक सकते हैं।

उपचार:

  1. आराम और देखभाल: मम्प्स के लक्षणों को कम करने के लिए, संक्रमित व्यक्ति को अधिक से अधिक आराम और विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
  2. उचित पोषण: संक्रमित व्यक्ति को पर्याप्त पोषण देना चाहिए, जिसमें पर्याप्त पानी, प्रोटीन, और अन्य पोषक तत्व शामिल हों।
  3. गरम पदार्थों का इस्तेमाल: गरम पदार्थों का इस्तेमाल करने से सूजन और दर्द कम हो सकता है, जैसे कि गरम पानी की बोतल, या गरम पानी में नमक की फर्श।
  4. दर्दनिवारक दवाएं: बुखार और दर्द को कम करने के लिए, डॉक्टर की सलाह पर दर्दनिवारक दवाएं ली जा सकती हैं।
  5. बुकिंग: अगर कोई व्यक्ति मम्प्स के संक्रमण के लक्षणों का सामना कर रहा है, तो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि वे सही उपचार और सलाह प्राप्त कर सकें।

परहेज़:

  1. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आना: यदि किसी व्यक्ति को मम्प्स संक्रमित है, तो उन्हें अन्य लोगों से दूर रहना चाहिए, ताकि संक्रमण का फैलाव न हो।
  2. आराम करना: संक्रमित व्यक्ति को बहुत सारा आराम करना चाहिए, ताकि उनके शरीर को अधिक उचित समय मिले जिससे उनके शरीर को लड़ने की शक्ति मिले।
  3. सावधानी बरतें: संक्रमित व्यक्ति को अन्य व्यक्तियों से दूर रहने की सलाह दी जाती है, विशेष रूप से जब वे छींकते या खांसते हैं।
  4. स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह: संक्रमित व्यक्ति को अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए और उनके द्वारा दी गई निर्देशों का पालन करना चाहिए।

यह उपचार और परहेज़ मम्प्स के संक्रमण के दौरान सहायक हो सकते हैं, जो व्यक्ति को शीघ्र से ठीक करने में मदद कर सकते हैं और अन्य व्यक्तियों को संक्रमण से बचाने में मदद कर सकते हैं।

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